*पीएम आवास में दलालों की बोल बाला* *पक्के मकान वालों का किया जा रहा सर्वे* *कच्चे झोपड़ी रहवासियों को नहीं मिल रहा आवास* *सर्वे में भी ग़रीब परिवारों को रखा जा रहा पीछे*
सारंगढ़ बिलाईगढ़ ज़िला के जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत छपोरा का है जहां दलालों द्वारा आवास योजना का लाभ दिलवाया जा रहा है। पीएम आवास योजना शासन द्वारा अंतिम व्यक्तियों को लाभ दिलाने शासन प्रशासन पूरी जोर शोर से घर घर पंचायत कर्मी को भेज कर सर्वे किया जा रहा है। लेकिन सर्वे में भी धांधली जिनका मकान पक्का है उनका पहले सर्वे किया जा रहा है। कच्चे मकान और झोपड़ी में रहने वाले का सर्वे लास्ट में किया जा रहा है। पिछले सर्वे में भी पीएम आवास योजना पक्का मकान वालों का सर्वे किया गया जिसका नतीजा पक्के मकान परिवारों को लाभ मिल रहा है। दलालों द्वारा आवास योजना का लाभ दिलाने 2017-18 में जियो टेक के नाम से परिवारों द्वारा 500 से 1000 रुपए लिया गया। ग्रामीणों ने आवास मिल जाने के नाम से लालच में दलालों को पैसे भी दे दिए।
वहीं छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार पर किसी ग्रामीण क्षेत्र को आवास नहीं मिल सका। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनते ही ग़रीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना हर अंतिम व्यक्तियों को पहुंचाने का वादा किया जाता है। लेकिन यहां तो खेल कुछ और हो रहा है दलालों द्वारा सूची बनाई जाती है जो एक आवास के पीछे 5000 हज़ार से 10000 रुपए लिया जा रहा है उन परिवारों को लाभ जल्द मिल रहा है। सूत्रों से पता चला है कि उन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है जिन लोगों के पास पहले से पक्का मकान है। इससे साफ़ प्रतीत होता है कि ग़रीब परिवारों का कोई नहीं है सरकार का वादा सिर्फ़ खोखला साबित हो रहा है। ग़रीब परिवार झोपड़ी में रहने मजबूर जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी एसी में बैठकर मौज काट रही है। पंचायत कर्मियों को ग़रीबों की कोई चिंता नहीं। ऐसे में सरकार की पूरा सिस्टम में सवाल उठना तय है।