बिलाईगढ़। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में अभी-अभी नगरी निकाय एवं पंचायत चुनाव संपन्न हुए हैं पर यहां की राजनीति कुछ और ही बयां कर रही है जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में संजय भूषण पांडे अपनी कूटनीतिक पहुंच से जिला अध्यक्ष के पद पर काबीज होने में सफल हो गए हैं पर यह भूल गए हैं कि यह बीजेपी पार्टी है यहां पर छोटे बड़ों का सम्मान समान रूप से किया जाता है यहां पास पांडे अपनी ओछी राजनीति के कारण भाजपा से प्रचण्ड मतों से जीतकर आए हुए सदस्यों को मान सम्मान न देकर कांग्रेसी विचार से सहमत रखने वाले सदस्यों को जिला पंचायत के प्रमुख विभागों के सभापति नियुक्त कर दिए तथा भाजपा के प्रति अपना तन मन धन से बिना कोई स्वार्थ के काम करने वालों को दूर कुर्सी पर खाली एक सदस्य के रूप में बैठा दिए हैं यही राजनीति एक दिन सारंगढ़ बिलाईगढ़ में भाजपा की नैया डूबा सकती है आज सुशीला साहू(मारुति साहू) जो कि कांग्रेस की हाथ पकड़ कर चुनाव जीते सत्ता के लालच में पांडे से हाथ मिलाया तथा वह स्वास्थ्य विभाग की सभापति बना दिए गए वही हाल भगवन्तीन कुंजराम पटेल का है जो कि चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को धन्यवाद देने गए तथा हाथ मिलाकर पुष्प गुच्छ देकर धन्यवाद कहे
जिन्हें पांडे ने संचार व सकर्म सभापति बना दिए वही डॉक्टर दिनेश लाल जांगड़े जो की विशाल जनमत से अपने लोकप्रियता से बहुजन समाज पार्टी वाली क्षेत्र से अपनी लोकप्रियता के कारण लगभग 14000 वोटो से जीतकर आने वाले सरल स्वभाव के धनी डॉ दिनेश को अपनी राजनीतिक देश के कारण कोई भी विभाग का दायित्व नहीं दिया गया अगर भाजपा की यही स्थिति रही तो आगामी विधानसभा व नगरी निकाय हुआ पंचायत चुनाव में हर का गंभीर परिणाम देखने को मिल सकता है। रही बात बिलाईगढ़ विधानसभा सतनामी समाज का बहुमूलता का आधार है लेकिन कुछ बड़े नेता भाजपा से जुड़े सतनामी समाज से प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति को षड्यंत्र पूर्वक दरकिनार करने की कोशिश की जा रही है।अगर यही रवैया रहा तो विधानसभा में भाजपा का विधायक बनना मुश्किल है। वही डॉक्टर साहब कोई भी विभाग न मिलने से साफ़ जाहिर होता है और उनके क्षेत्र क्रमांक 13 की जनता में तथा सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ विधानसभा की जनता में भी अत्यधिक रोष देखने को मिल रहा है क्षेत्र की जनता यह कहने में कोई गुरेज नहीं कर रही हैं बरसात एक छाते से नहीं जाता वक्त आने पर जनता इसकी जवाब देगी क्योंकि अभी-अभी विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं जिसमें डॉक्टर साहब की साहसिक कुशल रणनीति से चुनावी रण के कारण भारतीय जनता पार्टी को एक सम्मानजनक स्थिति में लाने में सफल रहे तथा विधानसभा की जनता में कहीं ना कहीं यह मलाल रह गया है कि हमारे से भूल हो गई है जिसे हम अपने आने वाले विधानसभा चुनाव में भूल नहीं होने देंगे।