April 17, 2026

जल संरक्षण की अनूठी पहल : कबीरधाम जिले में 20 जून को घर-घर बनेगा सोख पिट (सोखता गड्ढा), नागरिक करेंगे श्रमदान

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*जल संरक्षण की अनूठी पहल : कबीरधाम जिले में 20 जून को घर-घर बनेगा सोख पिट (सोखता गड्ढा), नागरिक करेंगे श्रमदान*

 

पवन तिवारी कबीरधाम

 

भूजल स्तर सुधारने “मोर गांव-मोर पानी” अभियान के तहत जिलेभर में चलेगा विशेष महाअभियान

 

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने महाअभियान को सफल बनाने सरपंच-सचिव सहित जमीनी स्तर के अधिकारी कर्मचारियों से वर्चुअल माध्यम से की सीधी बातचीत

 

जल संरक्षण महाअभियान में सामूहिक श्रम दान कर अपने अपने घरों में सोख पिट (सोखता गड्ढा) बनाने की अपील

 

कवर्धा, 19 जून 2025। कबीरधाम जिले में वर्षा जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की दिशा में “मोर गांव – मोर पानी“ अभियान के तहत 20 जून 2025 शुक्रवार को एक व्यापक जल संरक्षण महाअभियान आयोजित किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल की सफलता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर गोपाल वर्मा ने आज जिले के चारों विकासखण्ड कवर्धा, पंडरिया, बोड़ला और सहसपुर लोहारा के जमीनी स्तर से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्चुअल बैठक ली। बैठक में सरपंच, उप सरपंच, सचिव, पंच, रोजगार सहायक, सक्रिय महिला, कृषि सखी, पशु सखी, बैंक मित्र, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक, महिला एवं बाल विकास विभाग व कृषि विभाग के ग्राम स्तरीय कर्मचारी, महिला स्व-सहायता समूहों की अध्यक्ष और सचिव से ग्राम स्तर की तैयारियों की जानकारी ली गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अजय कुमार त्रिपाठी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जिले में गिरते भूजल स्तर को संजीवनी देने और वर्षा जल के संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने के लिए कबीरधाम जिले में “मोर गांव – मोर पानी” अभियान के अंतर्गत 20 जून 2025 शुक्रवार को जल संरक्षण महाअभियान चलाया जाएगा। इस विशेष दिन पर जिले के सभी नागरिक सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक श्रमदान कर अपने-अपने घरों में सोख पिट (सोखता गड्ढा) का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी जमीनी स्तर के अधिकारी इसके लिए पूरी तैयारी कर ले। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में लोगों से संपर्क कर इसके लिए जागरूक करे। गांव में आज ही इसके लिए मुनादी कर दी जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान “घर का पानी घर में, गांव का पानी गांव में“ की सोच को साकार करने की दिशा में एक सार्थक पहल है। यह सभी के जन सहयोग से ही संभव हो सकता है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है।

कलेक्टर वर्मा ने कहा कि इस अभियान में हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। बरसात का पानी यदि घर के भीतर सोख पिट (सोखता गड्ढा) के माध्यम से जमीन में समा जाए, तो भूजल स्तर में सुधार संभव है। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षक, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक अभियान की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाएं। साथ ही सभी ग्राम पंचायतें गांववार लक्ष्य तय कर सुनिश्चित करें कि हर घर में सोख पिट का निर्माण किया जाए। यह महाअभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा, जिससे न केवल जल संकट से निपटने में मदद मिलेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित जल स्रोत भी उपलब्ध हो सकेगा।

 

अभियान का उद्देश्य

 

बैठक में जानकारी देते हुए बताया गया कि जल संरक्षण महाअभियान का मुख्य उद्देश्य कबीरधाम जिले में लगातार गिरते भूजल स्तर की गंभीर समस्या के समाधान की दिशा में एक प्रभावी पहल करना है। जिला प्रशासन के नेतृत्व में “मोर गांव – मोर पानी“ अभियान के अंतर्गत सभी घरों में सोख पिट का निर्माण कर वर्षा जल को घर-घर में संरक्षित करने की योजना बनाई गई है। इस पहल के माध्यम से “घर का पानी घर में और गांव का पानी गांव में“ की संकल्पना को मूर्त रूप दिया जाएगा। अभियान के दौरान लोगों को जल संरक्षण की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए एक साथ एक ही समय पर शपथ दिलाकर जनसहभागिता को प्रेरित किया जाएगा।

 

अभियान की आवश्यकता

 

अभियान की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि कबीरधाम जिले के चारों विकासखंडों कवर्धा, पंडरिया, बोड़ला और सहसपुर लोहारा को ग्राउंड वॉटर बोर्ड द्वारा दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें कवर्धा एवं पंडरिया को क्रिटिकल ज़ोन तथा बोड़ला एवं सहसपुर लोहारा को सेमी-क्रिटिकल ज़ोन में रखा गया है। इसी कारण जिले में जल संरक्षण को लेकर व्यापक और सामूहिक प्रयास से अभियान को पूरा किया जाएगा।

 

सोख पीट (सोखता गड्ढा) का निर्माण

 

जिले में 20 जून 2025 को सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित महाअभियान में दो प्रमुख गतिविधियां संचालित की जाएंगी। पहली गतिविधि सोख पिट निर्माण की होगी, जिसके अंतर्गत जिले के सभी नागरिक अपने घरों, आंगन, बाड़ी, कोठार या अन्य उपयुक्त खुले स्थान पर 3Û3 फीट आकार का सोख पिट बनाएंगे। यह कार्य स्वेच्छा से एक घंटे का श्रमदान कर किया जाएगा। इस दिन सोख पिट का निर्माण जनसहयोग से किया जाएगा। दूसरी महत्वपूर्ण गतिविधि जल संरक्षण की शपथ की होगी, जिसमें नागरिकों को जल के महत्व के प्रति जागरूक कर यह संकल्प दिलाया जाएगा कि वे घर का पानी घर में और गांव का पानी गांव में ही रोकेंगे।

 

सोख पीठ (सोखता गड्ढा) से भूजल स्तर को सुधारने की दिशा में होगा ऐतिहासिक कदम

 

सोख पिट की प्रभावशीलता को लेकर बताया गया कि एक सोख पिट वर्षाकाल में 2,000 से 3,500 लीटर तक वर्षा जल को अवशोषित करने में सक्षम होता है। इस प्रकार जिलेभर में सोख पिटों के निर्माण से 20 हजार लाख लीटर से लेकर 30 हजार 500 लाख लीटर तक पानी को जमीन में रिसाया जा सकता है, जो जिले के भूजल स्तर को सुधारने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा।

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