बिलाईगढ़ पहुंचने वाली सभी सड़के जर्जर गड्ढों में तब्दील दुमहानी से बिलाईगढ़ रोड जर्जर पवनी से बिलाईगढ़ रोड ज़र्जर बांसउरकुली से बिलाईगढ़ रोड ज़र्जर बिलाईगढ़ बना गड्ढागढ़
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बिलाईगढ़ पहुंचने वाली सभी सड़के जर्जर गड्ढों में तब्दील
दुमहानी से बिलाईगढ़ रोड जर्जर
पवनी से बिलाईगढ़ रोड ज़र्जर
बांसउरकुली से बिलाईगढ़ रोड ज़र्जर
बिलाईगढ़ बना गड्ढागढ़
सारंगढ़ बिलाईगढ़ ज़िला का उप ज़िला बिलाईगढ़ का ऐतिहासिक कहानी यह गढ़ राजाओं का गढ़ है मध्यप्रदेश राज्य से सन् 2000 में अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद कभी यह गढ़ रायपुर ज़िला में आता था। उसके बाद बलौदा बाजार ज़िला में आया अभी वर्तमान में सारंगढ़ के साथ जुड़कर सारंगढ़ बिलाईगढ़ के नाम से जाना जाता है।
सन् 2000 से लेकर 2025 तक बिलाईगढ़ में आज तक आपको सिर्फ़ गड्ढा ही देखने को मिलेगा।

सड़क सिर्फ़ नाम के लिए बनता है बरसात में तो गड्ढे ही रह जाते हैं। न जाने सड़क को किसकी नज़र लग जाती है जो बरसात के दिनों में गायब हो जाती है।
जिसकी परवाह न विधायक को न मंत्री को न ही किसी संबंधित अधिकारी को और न ही जिला प्रशासन को चिंता है।
बिलाईगढ़ कोई असाधारण जगह नहीं बिलाईगढ़ अपने आप में पहले से एक बढ़ा विधानसभा है यहां व्यवहार न्यायालय स्थिति है, एस डी एम ऑफिस, तहसील, रजिस्टार, जनपद, ब्लाक शिक्षा विभाग, अनुविभागीय पुलिस सभी ऑफिस है। और तो और बिलाईगढ़ नगर पंचायत भी है फिर भी इतना सब कुछ होने पर यहां की सड़के गड्ढे में तब्दील है।
बिलाईगढ़ विधानसभा में कई विधायक आए और चले गए लेकिन किसी ने बिलाईगढ़ का विकास नहीं किया। सबने विकास के नाम पर अपनी जेब गर्म कर लीं। चाहे संबंधित अधिकारी ही क्यों न हो बिलाईगढ़ विकास में सबसे पीछे रह गया है।
हर दिन ऑफिस वाले दिनों में सभी अधिकारी आवागमन करते हैं पर किसी को कोई मतलब नहीं स्थानीय नेताओं को भी इस ओर कोई ध्यान नहीं है। राहगीरों और स्कूली बच्चों को सबसे ज़्यादा गड्ढे वाले रोड पर चलने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
दुमहानी से बिलाईगढ़ रोड में गड्ढा पवनी से बिलाईगढ़ रोड में गड्ढा बांसउरकुली से बिलाईगढ़ रोड पर गड्ढा। ट्रक बस दुपहिया चार पहिया जैसे सभी प्रकार के वाहन चालक और वाहन मालिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब देखना होगा कि ख़बर चलने पर सोए हुए जिम्मेदार अधिकारी नींद से जगेंगे या फिर जनता का टैक्स से मिलने वाली तनख्वा को लेकर सोए रहेंगे।

