कबीरधाम जिले में “बिहान” की उप-योजना “CG-SAY” परीयोजना अंतर्गत ग्राम संगठनों में गठित चयन समिति को दिया जा रहा सतत प्रशिक्षण
कबीरधाम जिले में “बिहान” की उप-योजना “CG-SAY” परीयोजना अंतर्गत ग्राम संगठनों में गठित चयन समिति को दिया जा रहा सतत प्रशिक्षण
सीजी पब्लिक टाइम्स
पवन तिवारी कबीरधाम
कबीरधाम जिला अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” की उप-योजना CG-SAY (छत्तीसगढ़ – समावेशी आजीविका योजना) के तहत लक्षित परिवारों के प्रभावी चिन्हांकन हेतु ग्राम संगठन स्तर पर गठित चयन समिति के सदस्यों निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण लक्षित विकासखंड पंडरिया, बोड़ला एवं सहसपुर लोहारा में संचालित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ 05 जनवरी से किया गया है।प्रशिक्षण कार्यक्रम में चयन समिति के सदस्यों को लक्षित परिवारों की पहचान की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं सहभागी बनाने हेतु विस्तृत जानकारी दी जा रही हैं।

प्रशिक्षण के दौरान PRA (Participatory Rural Appraisal) गतिविधियों, सामाजिक मानचित्र निर्माण, घर-घर सर्वेक्षण, सर्वे प्रपत्र भरने की विधि एवं चयन मापदंडों पर विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया हैं। इस अवसर पर प्रतिभागियों को बताया गया कि किस प्रकार समुदाय की सहभागिता से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों की पहचान की जा सकती है, ताकि CG-SAY योजना का लाभ सही पात्र परिवारों तक पहुंच सके।

प्रशिक्षण सत्रों में व्यावहारिक उदाहरणों एवं समूह गतिविधियों के माध्यम से सदस्यों की समझ को और सुदृढ़ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्राम संगठन चयन समिति के सदस्यों की क्षमता वृद्धि में सहायक सिद्ध होगा तथा CG-SAY योजना के उद्देश्यों की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचे और उन्हें आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

CG-SAY योजना के तहत किया जा रहा यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने लक्षित परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम संगठन की दीदियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिल रही है, जिससे जमीनी स्तर पर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की मजबूत नींव रखी जा रही है। योजना के माध्यम से जिले में समावेशी एवं सतत आजीविका के अवसर सृजित करने की दिशा में यह एक सशक्त कदम है।

