कबीरधाम के किसान संकट में – भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीति उजागर…
कबीरधाम के किसान संकट में – भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीति उजागर…
सीजी पब्लिक टाइम्स
पवन तिवारी कबीरधाम
कवर्धा _आपको बता दे कि देश का अन्नदाता किसान आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है,भारतीय जनता पार्टी की सरकार में किसान,जिसे अन्नदाता कहा जाता है,उसी किसान का अस्तित्व और सम्मान दोनों खतरे में है।
एग्रीटेक,कैरी फॉरवर्ड से जुड़ी सभी औपचारिकताएँ,आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रियाएँ पूरी करने के बावजूद किसानों को टोकन नहीं काटा जा रहा,जिससे वे अपना धान बेचने से वंचित हो रहे हैं।यह तकनीकी समस्या नहीं,बल्कि किसानों को मानसिक,आर्थिक और प्रशासनिक रूप से परेशान करने की सोची-समझी गई साजिश का हिस्सा बन चुका है।सरकार की मंशा साफ नजर आ रही है—
किसानों को जितना हो सके उलझाओ,हतोत्साहित करो और मजबूर करो।धान खरीदी में लापरवाही,टोकन काटने में टालमटोल और एग्रीटेक के नाम पर किसानों को चक्कर कटवाना भाजपा सरकार की किसान के प्रति दोहरी मानसिकता को उजागर करता है।सही और साफ शब्दों में कहा जाए तो सरकार किसान की धन खरीदने असमर्थ नजर आ रही है जो किसान दिन-रात मेहनत कर देश का पेट भरता है,वही किसान आज अपनी फसल बेचने के लिए दफ्तर-दफ्तर भटकने को मजबूर है।

इन्हीं गंभीर मुद्दों को लेकर आज कलेक्टर महोदय को अवगत कराया गया है और स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि किसानों के हक और अधिकार की हनन नहीं होनी चाहिए ।

